लेखनी कहानी -04-May-2024

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मंजिल फतह करूँगा एक दिन,चाहे दूर सवेरा हो हिम्मत बाकी,बुलंद हौंसले, भले ना कोई मेरा हो सूरज राह जलाये चाहे,लाख जलजले आयें चाहे कामयाबी के ऊंचे शिखर पर, केवल मेरा डेरा ...

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